लोमश उवाच
एवमष्टावक्र: समितौ हि गर्जन्-
जातक्रोधो बन्दिनमाह राजन्।
उक्ते वाक्ये चोत्तरं मे ब्रवीहि
वाक्यस्य चाप्युत्तरं ते ब्रवीमि॥ ७॥
अनुवाद
लोमश कहते हैं - युधिष्ठिर! (जब बंदी उनके सामने आया) अष्टावक्र राजसभा में गर्जना करते हुए बंदी पर क्रोधित हो उठे और इस प्रकार बोले - 'तुम मेरे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दो और मैं तुम्हारे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर दूंगा।'
Lomasha says - Yudhishthira! (When the prisoner appeared before him) Aṣṭāvakra roared in the royal court and became angry with the prisoner and said thus - 'You answer the question I asked and I will answer the question you ask.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥