Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.134.38: अष्टावक्र ने अपने पिता की पूजा करके अन्य ब्राह्मणों से विधिपूर्वक सम्मान पाया और इस प्रकार बंदी को जीतकर अपने पिता और मामा के साथ अपने उत्तम आश्रम को लौट गये। | mahabharat अध्याय 3.134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अष्टावक्र ने अपने पिता की पूजा करके अन्य ब्राह्मणों से विधिपूर्वक सम्मान पाया और इस प्रकार बंदी को जीतकर अपने पिता और मामा के साथ अपने उत्तम आश्रम को लौट गये।
Aṣṭāvakra, having worshipped his father, was himself duly honoured by the other brāhmaṇas; and having thus conquered the captive, he returned with his father and maternal uncle to his excellent hermitage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥