Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.134.21: लोमश कहते हैं - यह सुनकर सूतपुत्र बंदी चुप हो गए और सिर नीचा करके गंभीर विचार करने लगे। अष्टावक्र बोलते रहे और यह सब देखकर दर्शकों और श्रोताओं में बड़ा कोलाहल मच गया। | mahabharat अध्याय 3.134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लोमश कहते हैं - यह सुनकर सूतपुत्र बंदी चुप हो गए और सिर नीचा करके गंभीर विचार करने लगे। अष्टावक्र बोलते रहे और यह सब देखकर दर्शकों और श्रोताओं में बड़ा कोलाहल मच गया।
Lomasha says - On hearing this, Sutaputra Bandi became silent and started thinking deeply with his head lowered. Ashtavakra kept on speaking and seeing all this, there was a great uproar among the spectators and listeners.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥