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mahabharat 3.134.10: बन्दिनी बोली - यह सम्पूर्ण प्रजा अपने कर्मों के कारण तीन प्रकार की योनियाँ धारण करती है - देव, मनुष्य और तिर्यक योनि, ऋक्, साम और यजु - ये तीनों वेद एक दूसरे से संयुक्त होकर बाजपेयी आदि यज्ञों का अनुष्ठान करती हैं। अध्वर्यु लोग भी प्रातःकाल का सवन, मध्याह्न का सवन और सायंकाल का सवन नामक तीन सवनों का अनुष्ठान करते हैं। (कर्मानुसार प्राप्त होने वाले भोगों के लिए) स्वर्ग, मृत्यु और नरक ये तीन लोक कहे गए हैं और ऋषियों ने सूर्य, चन्द्रमा और अग्नि रूपी तीन ही ज्योतियाँ बताई हैं। 10॥   |   mahabharat अध्याय 3.134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 134: बन्दी और अष्टावक्रका शास्त्रार्थ, बन्दीकी पराजय तथा समङ्गामें स्नानसे अष्टावक्रके अंगोंका सीधा होना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.134.10 
बन्द्युवाच
त्रि: सूयते कर्मणा वै प्रजेयं
त्रयो युक्ता वाजपेयं वहन्ति।
अध्वर्यवस्त्रिसवनानि तन्वते
त्रयो लोकास्त्रीणि ज्योतींषि चाहु:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
बन्दिनी बोली - यह सम्पूर्ण प्रजा अपने कर्मों के कारण तीन प्रकार की योनियाँ धारण करती है - देव, मनुष्य और तिर्यक योनि, ऋक्, साम और यजु - ये तीनों वेद एक दूसरे से संयुक्त होकर बाजपेयी आदि यज्ञों का अनुष्ठान करती हैं। अध्वर्यु लोग भी प्रातःकाल का सवन, मध्याह्न का सवन और सायंकाल का सवन नामक तीन सवनों का अनुष्ठान करते हैं। (कर्मानुसार प्राप्त होने वाले भोगों के लिए) स्वर्ग, मृत्यु और नरक ये तीन लोक कहे गए हैं और ऋषियों ने सूर्य, चन्द्रमा और अग्नि रूपी तीन ही ज्योतियाँ बताई हैं। 10॥
 
Bandini said - This entire people, due to their actions, takes three types of births - God, human and Tiryak form, Rik, Sama and Yaju - these three Vedas are combined with each other and perform the yagya rituals like Bajpai etc. Adhvaryu people also perform the rituals of three savanas (sacrifices) namely morning savana, mid-day savana and sayansavana. (For the pleasures received as per one's actions) heaven, death and hell have been described as three worlds and the sages have described only three types of lights in the form of sun, moon and fire. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)