|
| |
| |
श्लोक 3.130.1  |
लोमश उवाच
इह मर्त्यास्तनूस्त्यक्त्वा स्वर्गं गच्छन्ति भारत।
मर्तुकामा नरा राजन्निहायान्ति सहस्रश:॥ १॥ |
| |
| |
| अनुवाद |
| लोमशजी कहते हैं - 'भारत! यहाँ शरीर त्यागकर मनुष्य स्वर्ग जाते हैं; इसलिए हजारों लोग इस पवित्र स्थान पर आकर मरणासन्न होते हैं।॥1॥ |
| |
| Lomasha says, 'Bharat! After leaving the body here, men go to heaven; therefore thousands come and reside in this holy place to die.॥ 1॥ |
| ✨ ai-generated |
| |
|