Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.12.5: भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, 'हे राजन! ऐसा प्रतीत होता है कि यह पृथ्वी दुर्योधन, कर्ण, दुष्टात्मा शकुनि और चौथे दुशासन - इन सबका रक्त पी लेगी।'   |   mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  3.12.5 
वासुदेव उवाच
दुर्योधनस्य कर्णस्य शकुनेश्च दुरात्मन:।
दु:शासनचतुर्थानां भूमि: पास्यति शोणितम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा, 'हे राजन! ऐसा प्रतीत होता है कि यह पृथ्वी दुर्योधन, कर्ण, दुष्टात्मा शकुनि और चौथे दुशासन - इन सबका रक्त पी लेगी।'
 
Lord Krishna said, 'O kings! It seems that this earth will drink the blood of all of them - Duryodhan, Karna, the evil-minded Shakuni and the fourth Dushasan.' 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)