Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.12.118: ये पाण्डव सिंहों के समान पराक्रमी हैं और बल और पराक्रम में अपने शत्रुओं से कहीं अधिक श्रेष्ठ हैं। इनसे सर्वथा हीन ये कौरव मुझे सभा में कष्ट दे रहे थे, फिर भी उन्होंने मेरी उपेक्षा क्यों की?॥118॥ | mahabharat अध्याय 3.12: अर्जुन और द्रौपदीके द्वारा भगवान् श्रीकृष्णकी स्तुति, द्रौपदीका भगवान् श्रीकृष्णसे अपने प्रति किये गये अपमान और दु:खका वर्णन और भगवान् श्रीकृष्ण, अर्जुन एवं धृष्टद्युम्नका उसे आश्वासन देना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये पाण्डव सिंहों के समान पराक्रमी हैं और बल और पराक्रम में अपने शत्रुओं से कहीं अधिक श्रेष्ठ हैं। इनसे सर्वथा हीन ये कौरव मुझे सभा में कष्ट दे रहे थे, फिर भी उन्होंने मेरी उपेक्षा क्यों की?॥118॥
These Pandavas, as valiant as lions, are far superior to their enemies in strength and prowess. The Kauravas, who are completely inferior to them, were troubling me in the assembly, yet why did they ignore me?॥ 118॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥