Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.116.4: उसके गर्भ से चार पुत्र उत्पन्न हुए, फिर पाँचवाँ पुत्र परशुराम हुआ। यद्यपि वह आयु की दृष्टि से भाइयों में सबसे छोटा था, तथापि गुणों में उन सभी से श्रेष्ठ था॥4॥ | mahabharat अध्याय 3.116: पिताकी आज्ञासे परशुरामजीका अपनी माताका मस्तक काटना और उन्हींके वरदानसे पुन: जिलाना, परशुरामजीद्वारा कार्तवीर्य-अर्जुनका वध और उसके पुत्रोंद्वारा जमदग्नि मुनिकी हत्या । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तस्या: कुमाराश्चत्वारो जज्ञिरे रामपञ्चमा:।
सर्वेषामजघन्यस्तु राम आसीज्जघन्यज:॥ ४॥
अनुवाद
उसके गर्भ से चार पुत्र उत्पन्न हुए, फिर पाँचवाँ पुत्र परशुराम हुआ। यद्यपि वह आयु की दृष्टि से भाइयों में सबसे छोटा था, तथापि गुणों में उन सभी से श्रेष्ठ था॥4॥
Four sons were born from her womb, then the fifth son Parashurama was born. Though he was the youngest among the brothers in terms of age, he was superior to all of them in virtues. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥