तत: स्नुषां स भगवान् प्रहृष्टो भृगुरब्रवीत्।
वरं वृणीष्व सुभगे दाता ह्यस्मि तवेप्सितम्॥ ३३॥
अनुवाद
भगवान भृगु बहुत प्रसन्न हुए और अपनी पुत्रवधू से बोले - 'सौभाग्यवती पुत्रवधू! कोई भी वर मांगो, मैं तुम्हारी इच्छानुसार वर प्रदान करूंगा।'
Lord Bhrigu became very pleased and said to his daughter-in-law - 'Fortunate daughter-in-law! Ask for any boon; I will grant you the boon as per your wish.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥