Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.110.12: हे राजन! ऐसा सुना जाता है कि प्राचीन काल में देवता नन्दा नदी के तट पर आये हुए थे; उस समय उन्हें देखने की इच्छा से बहुत से लोग अचानक वहाँ पहुँच गये।   |   mahabharat अध्याय 3.110: नन्दा तथा कौशिकीका माहात्म्य, ऋष्यशृंग मुनिका उपाख्यान और उनको अपने राज्यमें लानेके लिये राजा लोमपादका प्रयत्न   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 110: नन्दा तथा कौशिकीका माहात्म्य, ऋष्यशृंग मुनिका उपाख्यान और उनको अपने राज्यमें लानेके लिये राजा लोमपादका प्रयत्न  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.110.12 
नन्दां त्वभिगता देवा: पुरा राजन्निति श्रुति:।
अन्वपद्यन्त सहसा पुरुषा देवदर्शिन:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! ऐसा सुना जाता है कि प्राचीन काल में देवता नन्दा नदी के तट पर आये हुए थे; उस समय उन्हें देखने की इच्छा से बहुत से लोग अचानक वहाँ पहुँच गये।
 
O King! It is heard that in ancient times the gods had come to the banks of river Nanda; at that time many people suddenly reached there with the desire to see them.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)