श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 107: सगरके पुत्रोंकी उत्पत्ति, साठ हजार सगरपुत्रोंका कपिलकी क्रोधाग्निसे भस्म होना, असमञ्जसका परित्याग, अंशुमान‍्के प्रयत्नसे सगरके यज्ञकी पूर्ति, अंशुमान‍्से दिलीपको और दिलीपसे भगीरथको राज्यकी प्राप्ति  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  3.107.8 
तानुवाच महाभाग: सर्वलोकपितामह:।
गच्छध्वं त्रिदशा: सर्वे लोकै: सार्धं यथागतम्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उस समय सम्पूर्ण लोकों के पितामह ब्रह्माजी ने उनसे कहा - 'देवताओं! तुम सब लोग इन सब लोगों के साथ जिस प्रकार आये हो, उसी प्रकार लौट जाओ।॥8॥
 
At that time the great Brahma, the grandfather of all the worlds, said to them, 'O Gods! All of you go back the same way you came with all these people. ॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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