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mahabharat 3.106.1: लोमश कहते हैं - हे राजन! तब जगत् के पितामह भगवान ब्रह्मा ने अपने पास एकत्रित हुए समस्त देवताओं से कहा - 'देवताओं! इस समय आप सभी अपनी इच्छानुसार इच्छित स्थानों पर जा सकते हैं।   |   mahabharat अध्याय 3.106: राजा सगरका संतानके लिये तपस्या करना और शिवजीके द्वारा वरदान पाना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 106: राजा सगरका संतानके लिये तपस्या करना और शिवजीके द्वारा वरदान पाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.106.1 
लोमश उवाच
तानुवाच समेतांस्तु ब्रह्मा लोकपितामह:।
गच्छध्वं विबुधा: सर्वे यथाकामं यथेप्सितम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
लोमश कहते हैं - हे राजन! तब जगत् के पितामह भगवान ब्रह्मा ने अपने पास एकत्रित हुए समस्त देवताओं से कहा - 'देवताओं! इस समय आप सभी अपनी इच्छानुसार इच्छित स्थानों पर जा सकते हैं।
 
Lomasha says - O King! Then Lord Brahma, the grandfather of the world, said to all the gods who had gathered near him - 'Gods! At this time, all of you may go to the desired places according to your wishes.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)