श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 103: भगवान् विष्णुके आदेशसे देवताओंका महर्षि अगस्त्यके आश्रमपर जाकर उनकी स्तुति करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.103.4 
क्षीणेषु च ब्राह्मणेषु पृथिवी क्षयमेष्यति।
तत: पृथिव्यां क्षीणायां त्रिदिवं क्षयमेष्यति॥ ४॥
 
 
अनुवाद
यदि ब्राह्मण नष्ट हो जाएँ तो सम्पूर्ण पृथ्वी नष्ट हो जाएगी और यदि पृथ्वी नष्ट हो जाए तो स्वर्ग भी नष्ट हो जाएगा ॥4॥
 
If the brahmins are destroyed, the entire earth will be destroyed, and if the earth is destroyed, heaven will also be destroyed. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)