Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.88.9: धृतराष्ट्र ने पूछा - विदुर! मुझे बताओ कि पांडव यहाँ भ्रमण करते हुए जो नाना प्रकार के कार्य कर रहे हैं, उनका रहस्य क्या है? वे इस प्रकार क्यों जा रहे हैं? | mahabharat अध्याय 2.88: वनगमनके समय पाण्डवोंकी चेष्टा और प्रजाजनोंकी शोकातुरताके विषयमें धृतराष्ट्र तथा विदुरका संवाद और शरणागत कौरवोंको द्रोणाचार्यका आश्वासन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृतराष्ट्र ने पूछा - विदुर! मुझे बताओ कि पांडव यहाँ भ्रमण करते हुए जो नाना प्रकार के कार्य कर रहे हैं, उनका रहस्य क्या है? वे इस प्रकार क्यों जा रहे हैं?
Dhritarashtra asked - Vidur! Tell me what is the secret behind the different activities that the Pandavas are doing while travelling here. Why are they going like this?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥