Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.85.29: और यह क्रूर स्वभाव वाला दुष्ट दुशासन जो केवल कहानियाँ गढ़ने में ही बहादुर है, मैं इसकी छाती से रक्त पी जाऊँगा जैसे सिंह हिरण का रक्त पीता है। | mahabharat अध्याय 2.85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
और यह क्रूर स्वभाव वाला दुष्ट दुशासन जो केवल कहानियाँ गढ़ने में ही बहादुर है, मैं इसकी छाती से रक्त पी जाऊँगा जैसे सिंह हिरण का रक्त पीता है।
And this cruel-natured wicked Dushasan who is only brave in making up stories, I will drink the blood from his chest like a lion drinks the blood of a deer.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥