Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.85.2: जब शत्रुदमन पाण्डव, जिनका राज्य छीन लिया गया था, मृगचर्म ओढ़कर अपने शरीर को वनवास के लिए चले, तब दु:शासन ने सभा में उन्हें संबोधित करते हुए कहा -॥2॥ | mahabharat अध्याय 2.85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब शत्रुदमन पाण्डव, जिनका राज्य छीन लिया गया था, मृगचर्म ओढ़कर अपने शरीर को वनवास के लिए चले, तब दु:शासन ने सभा में उन्हें संबोधित करते हुए कहा -॥2॥
When the Shatrudaman Pandavas, whose kingdom had been taken away, covered their bodies with deerskin and left for exile, Dushasan addressed them in the assembly and said -॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥