Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.85.18: जो लोग क्रोध और लोभ के वशीभूत होकर आपके रक्षकों का वेश धारण करके आपके पीछे-पीछे चलेंगे, उन्हें मैं उनके बन्धुओं सहित यमलोक भेज दूँगा॥ 18॥ | mahabharat अध्याय 2.85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये च त्वामनुवर्तन्ते क्रोधलोभवशानुगा:।
गोप्तार: सानुबन्धांस्तान् नेतास्मि यमसादनम्॥ १८॥
अनुवाद
जो लोग क्रोध और लोभ के वशीभूत होकर आपके रक्षकों का वेश धारण करके आपके पीछे-पीछे चलेंगे, उन्हें मैं उनके बन्धुओं सहित यमलोक भेज दूँगा॥ 18॥
Those who, under the influence of anger and greed, follow you in the guise of your protectors, I will send them, along with their relatives, to Yamaloka.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥