Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.85.10: 'अत्यन्त बुद्धिमान सोमवंशी राजा द्रुपद ने अपनी पुत्री पांचाली को पाण्डवों को देकर कोई अच्छा काम नहीं किया। द्रौपदी का पति, कुन्तीपुत्र, सर्वथा नपुंसक है ॥10॥ | mahabharat अध्याय 2.85: दु:शासनद्वारा पाण्डवोंका उपहास एवं भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेवकी शत्रुओंको मारनेके लिये भीषण प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
'अत्यन्त बुद्धिमान सोमवंशी राजा द्रुपद ने अपनी पुत्री पांचाली को पाण्डवों को देकर कोई अच्छा काम नहीं किया। द्रौपदी का पति, कुन्तीपुत्र, सर्वथा नपुंसक है ॥10॥
'The very intelligent Somakvanshi king Drupada did not do any good by giving his daughter Panchali to the Pandavas. Draupadi's husband, Kunti's son, is completely impotent. 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥