Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.84.3: युधिष्ठिर बोले - विधाता की प्रेरणा से सभी प्राणियों को अच्छे-बुरे फल प्राप्त होते हैं। कोई भी उनसे बच नहीं सकता। ऐसा प्रतीत होता है, मुझे पुनः जुआ खेलना पड़ेगा॥3॥ | mahabharat अध्याय 2.84: सबके मना करनेपर भी धृतराष्ट्रकी आज्ञासे युधिष्ठिरका पुन: जूआ खेलना और हारना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
युधिष्ठिर बोले - विधाता की प्रेरणा से सभी प्राणियों को अच्छे-बुरे फल प्राप्त होते हैं। कोई भी उनसे बच नहीं सकता। ऐसा प्रतीत होता है, मुझे पुनः जुआ खेलना पड़ेगा॥3॥
Yudhishthira said - All beings get good and bad results by the inspiration of the Creator. No one can avoid them. It seems, I will have to play gambling again.॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥