Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.84.14: तेरहवें वर्ष के पूर्ण होने पर या तो तुम या मैं वन से लौटकर अपना-अपना राज्य पुनः प्राप्त कर सकते हैं ॥14॥ | mahabharat अध्याय 2.84: सबके मना करनेपर भी धृतराष्ट्रकी आज्ञासे युधिष्ठिरका पुन: जूआ खेलना और हारना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
त्रयोदशे च निर्वृत्ते पुनरेव यथोचितम्।
स्वराज्यं प्रतिपत्तव्यमितरैरथवेतरै:॥ १४॥
अनुवाद
तेरहवें वर्ष के पूर्ण होने पर या तो तुम या मैं वन से लौटकर अपना-अपना राज्य पुनः प्राप्त कर सकते हैं ॥14॥
"After the completion of the thirteenth year either you or I can return from the forest and regain our respective kingdoms in the proper manner." ॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥