Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.78.6: द्रौपदी! इस सभा में ये सभी कुलीन कुरुवंशी पुरुष तुम्हारे लिए ही दुःखी हैं और तुम्हारे अभागे पतियों को देखकर तुम्हारे प्रश्नों का उचित उत्तर देने में असमर्थ हैं। | mahabharat अध्याय 2.78: दुर्योधनके छल-कपटयुक्त वचन और भीमसेनका रोषपूर्ण उद्गार । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वे हीमे कौरवेया: सभायां
दु:खान्तरे वर्तमानास्तवैव।
न विब्रुवन्त्यार्यसत्त्वा यथावत्
पतींश्च ते समवेक्ष्याल्पभाग्यान्॥ ६॥
अनुवाद
द्रौपदी! इस सभा में ये सभी कुलीन कुरुवंशी पुरुष तुम्हारे लिए ही दुःखी हैं और तुम्हारे अभागे पतियों को देखकर तुम्हारे प्रश्नों का उचित उत्तर देने में असमर्थ हैं।
Draupadi! All these noble-natured Kuru clansmen in this assembly are sad only for you and seeing your unfortunate husbands, they are unable to give the right answer to your questions.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥