Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.77.13: कुरुवंशियो! तुम क्या सोचते हो? मैं जीता हूँ या नहीं? मैं तुमसे सही उत्तर सुनना चाहता हूँ। फिर उसके अनुसार कार्य करूँगा॥ 13॥   |   mahabharat अध्याय 2.77: द्रौपदीका चेतावनीयुक्त विलाप एवं भीष्मका वचन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 77: द्रौपदीका चेतावनीयुक्त विलाप एवं भीष्मका वचन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  2.77.13 
जितां वाप्यजितां वापि मन्यध्वं मां यथा नृपा:।
तथा प्रत्युक्तमिच्छामि तत् करिष्यामि कौरवा:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
कुरुवंशियो! तुम क्या सोचते हो? मैं जीता हूँ या नहीं? मैं तुमसे सही उत्तर सुनना चाहता हूँ। फिर उसके अनुसार कार्य करूँगा॥ 13॥
 
Kuruvanshis! What do you think? Have I won or not? I want to hear the correct answer from you. Then I will act accordingly.॥ 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)