vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 77: द्रौपदीका चेतावनीयुक्त विलाप एवं भीष्मका वचन
»
श्लोक 11
श्लोक
2.77.11
तामिमां धर्मराजस्य भार्यां सदृशवर्णजाम्।
ब्रूत दासीमदासीं वा तत् करिष्यामि कौरवा:॥ ११॥
अनुवाद
कौरवों! मैं धर्मराज युधिष्ठिर की पत्नी और उन्हीं की कुल की कन्या हूँ। बताओ, मैं दासी हूँ या दासी? जैसा तुम कहोगे, वैसा ही करूँगी।
Kauravas! I am the wife of Dharmaraja Yudhishthira and a daughter of the same caste as him. Tell me, am I a maid or a slave? I will do as you say.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×