श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 77: द्रौपदीका चेतावनीयुक्त विलाप एवं भीष्मका वचन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  2.77.11 
तामिमां धर्मराजस्य भार्यां सदृशवर्णजाम्।
ब्रूत दासीमदासीं वा तत् करिष्यामि कौरवा:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
कौरवों! मैं धर्मराज युधिष्ठिर की पत्नी और उन्हीं की कुल की कन्या हूँ। बताओ, मैं दासी हूँ या दासी? जैसा तुम कहोगे, वैसा ही करूँगी।
 
Kauravas! I am the wife of Dharmaraja Yudhishthira and a daughter of the same caste as him. Tell me, am I a maid or a slave? I will do as you say.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)