Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.76.87: सुधन्वा ने कहा - दैत्यराज! आप पुत्रमोह की चिन्ता न करके अपने धर्म पर अडिग रहे, इससे प्रसन्न होकर मैं आपके पुत्र को सौ वर्ष तक जीवित रहने का आदेश देता हूँ। | mahabharat अध्याय 2.76: भीमसेनका क्रोध एवं अर्जुनका उन्हें शान्त करना, विकर्णकी धर्मसंगत बातका कर्णके द्वारा विरोध, द्रौपदीका चीरहरण एवं भगवान्द्वारा उसकी लज्जारक्षा तथा विदुरके द्वारा प्रह्लादका उदाहरण देकर सभासदोंको विरोधके लिये प्रेरित करना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सुधन्वा ने कहा - दैत्यराज! आप पुत्रमोह की चिन्ता न करके अपने धर्म पर अडिग रहे, इससे प्रसन्न होकर मैं आपके पुत्र को सौ वर्ष तक जीवित रहने का आदेश देता हूँ।
Sudhanva said – Demon King! Pleased with the fact that you remained steadfast in your religion without worrying about your love for your son, I order your son to live for a hundred years.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥