श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका क्रोध एवं अर्जुनका उन्हें शान्त करना, विकर्णकी धर्मसंगत बातका कर्णके द्वारा विरोध, द्रौपदीका चीरहरण एवं भगवान‍्द्वारा उसकी लज्जारक्षा तथा विदुरके द्वारा प्रह्लादका उदाहरण देकर सभासदोंको विरोधके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  2.76.73 
यो वै प्रश्नं न विब्रूयाद् वितथं चैव निर्दिशेत्।
के वै तस्य परे लोकास्तन्ममाचक्ष्व पृच्छत:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
मैं पूछता हूँ, जो प्रश्न का उत्तर नहीं देता अथवा मिथ्या उत्तर देता है, वह परलोक में कौन-से लोक प्राप्त करता है? कृपया मुझे यह बताइए ॥ 73॥
 
I ask, who does not answer the question or gives a false answer, what worlds does he attain in the next world? Please tell me this. ॥ 73॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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