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mahabharat 2.76.69: प्रह्लाद उस तर्क से भयभीत होकर सुधन्वा की ओर देखने लगे। तब सुधन्वा प्रज्वलित ब्रह्मा की छड़ी के समान क्रोधित होकर बोले-॥69॥   |   mahabharat अध्याय 2.76: भीमसेनका क्रोध एवं अर्जुनका उन्हें शान्त करना, विकर्णकी धर्मसंगत बातका कर्णके द्वारा विरोध, द्रौपदीका चीरहरण एवं भगवान‍्द्वारा उसकी लज्जारक्षा तथा विदुरके द्वारा प्रह्लादका उदाहरण देकर सभासदोंको विरोधके लिये प्रेरित करना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका क्रोध एवं अर्जुनका उन्हें शान्त करना, विकर्णकी धर्मसंगत बातका कर्णके द्वारा विरोध, द्रौपदीका चीरहरण एवं भगवान‍्द्वारा उसकी लज्जारक्षा तथा विदुरके द्वारा प्रह्लादका उदाहरण देकर सभासदोंको विरोधके लिये प्रेरित करना  »  श्लोक 69
 
 
श्लोक  2.76.69 
स वै विवदनाद् भीत: सुधन्वानं विलोकयन्।
तं सुधन्वाब्रवीत् क्रुद्धो ब्रह्मदण्ड इव ज्वलन्॥ ६९॥
 
 
अनुवाद
प्रह्लाद उस तर्क से भयभीत होकर सुधन्वा की ओर देखने लगे। तब सुधन्वा प्रज्वलित ब्रह्मा की छड़ी के समान क्रोधित होकर बोले-॥69॥
 
Prahlada became afraid of the argument and started looking at Sudhanva. Then Sudhanva became angry like the blazing Brahma's rod and said -॥ 69॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)