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श्लोक 2.76.51  |
भीम उवाच
इदं मे वाक्यमादध्वं क्षत्रिया लोकवासिन:।
नोक्तपूर्वं नरैरन्यैर्न चान्यो यद् वदिष्यति॥ ५१॥ |
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| अनुवाद |
| भीमसेन बोले- हे भिन्न-भिन्न देशों में रहने वाले क्षत्रियों! कृपया मेरी बात पर ध्यान दो। आज से पहले न तो किसी ने ऐसी बात कही है और न ही आगे कोई कहेगा। |
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| Bhimasena said- O Kshatriyas living in different countries! Please pay attention to what I am saying. No one has said such a thing before today nor will anyone say it again. |
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