Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.75.37: हे क्रूर और दुष्ट दु:शासन! मुझे इस प्रकार मत खींच, मत खींच, मुझे नंगा मत कर। यदि इंद्र आदि देवता भी तुम्हारी सहायता के लिए आएँ, तो भी मेरे पति पाण्डव राजकुमार तुम्हारी क्रूरता को सहन नहीं कर पाएँगे।॥37॥ | mahabharat अध्याय 2.75: प्रातिकामीके बुलानेसे न आनेपर दु:शासनका सभामें द्रौपदीको केश पकड़कर घसीटकर लाना एवं सभासदोंसे द्रौपदीका प्रश्न । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नृशंसकर्मंस्त्वमनार्यवृत्त
मा मा विवस्त्रां कुरु मा विकर्षी:।
न मर्षयेयुस्तव राजपुत्रा:
सेन्द्राश्च देवा यदि ते सहाया:॥ ३७॥
अनुवाद
हे क्रूर और दुष्ट दु:शासन! मुझे इस प्रकार मत खींच, मत खींच, मुझे नंगा मत कर। यदि इंद्र आदि देवता भी तुम्हारी सहायता के लिए आएँ, तो भी मेरे पति पाण्डव राजकुमार तुम्हारी क्रूरता को सहन नहीं कर पाएँगे।॥37॥
O cruel and wicked Dushasan! Do not pull me like this, do not pull me, do not strip me naked. Even if Indra and other gods come to your aid, my husband, the Pandava prince, will not be able to tolerate your cruelty. ॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥