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श्लोक 2.64.21  |
ततो विद्वान् विदुरं मन्त्रिमुख्य-
मुवाचेदं धृतराष्ट्रो नरेन्द्र:।
युधिष्ठिरं राजपुत्रं च गत्वा
मद्वाक्येन क्षिप्रमिहानयस्व॥ २१॥ |
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| अनुवाद |
| तत्पश्चात् विद्वान राजा धृतराष्ट्र ने मन्त्रियों में प्रधान विदुर को आदेश दिया कि तुम राजकुमार युधिष्ठिर के पास जाओ और मेरी अनुमति लेकर उन्हें शीघ्र ही यहाँ ले आओ। |
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| After that, the learned king Dhritarashtra ordered Vidur, the chief among the ministers, to go to Prince Yudhishthir and bring him here quickly with my permission. |
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