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mahabharat 2.62.10: हे राजन! पांडवों से द्वेष मत करो। वे तुम्हारे भाई हैं और तुम्हारे भाइयों की सारी संपत्ति तुम्हारी है। हे प्रिय! मित्र के साथ विश्वासघात करना महापाप है। देखो, जो तुम्हारे पूर्वज हैं, वे भी उनके ही हैं।   |   mahabharat अध्याय 2.62: धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 62: धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  2.62.10 
पाण्डो: पुत्रान् मा द्विषस्वेह राजं-
स्तथैव ते भ्रातृधनं समग्रम्।
मित्रद्रोहे तात महानधर्म:
पितामहा ये तव तेऽपि तेषाम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! पांडवों से द्वेष मत करो। वे तुम्हारे भाई हैं और तुम्हारे भाइयों की सारी संपत्ति तुम्हारी है। हे प्रिय! मित्र के साथ विश्वासघात करना महापाप है। देखो, जो तुम्हारे पूर्वज हैं, वे भी उनके ही हैं।
 
O King! Do not hate the Pandavas. They are your brothers and all the wealth of your brothers is yours. O dear! Betraying a friend is a great sin. See, those who are your forefathers are theirs too.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)