Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.57.d5: वैशम्पायनजी कहते हैं: अपने पिता की यह बात सुनकर मूर्ख दुर्योधन ने क्रोध में भरकर उन्हें अपने विचार बताये और इस प्रकार उत्तर दिया। | mahabharat अध्याय 2.57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वैशम्पायनजी कहते हैं: अपने पिता की यह बात सुनकर मूर्ख दुर्योधन ने क्रोध में भरकर उन्हें अपने विचार बताये और इस प्रकार उत्तर दिया।
Vaishmpayana says: On hearing this statement of his father, the foolish Duryodhan, overcome with anger, told him his thoughts and replied in this manner.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥