Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.57.52: यह सुनकर कि कलह का द्वार द्यूतक्रीड़ा का अवसर आ गया है और यह जानकर कि विनाश का मुख सामने आ गया है, बुद्धिमान विदुर धृतराष्ट्र के पास दौड़े। | mahabharat अध्याय 2.57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर कि कलह का द्वार द्यूतक्रीड़ा का अवसर आ गया है और यह जानकर कि विनाश का मुख सामने आ गया है, बुद्धिमान विदुर धृतराष्ट्र के पास दौड़े।
Hearing that the opportunity of gambling, which is the door of discord, had arrived and knowing that the face of destruction had appeared, the wise Vidur ran to Dhritarashtra. 52.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥