Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.57.46: राजन! मेरे मरने के बाद आप विदुर के साथ सुखपूर्वक रहेंगे और सम्पूर्ण लोकों का राज्य भोगेंगे। मेरे जीवित रहने से आपका क्या प्रयोजन सिद्ध होगा?॥ 46॥   |   mahabharat अध्याय 2.57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  2.57.46 
स त्वं मयि मृते राजन् विदुरेण सुखी भव।
भोक्ष्यसे पृथिवीं कृत्स्नां किं मया त्वं करिष्यसि॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
राजन! मेरे मरने के बाद आप विदुर के साथ सुखपूर्वक रहेंगे और सम्पूर्ण लोकों का राज्य भोगेंगे। मेरे जीवित रहने से आपका क्या प्रयोजन सिद्ध होगा?॥ 46॥
 
King! After my death you will live happily with Vidura and enjoy the kingdom of the whole world. What purpose will you achieve by my living?॥ 46॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)