Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.57.27: वहाँ एक ताक पर एक हजार स्वर्णमुद्राओं से बना एक घड़ा रखा था, जिसमें अनेक प्रकार के रत्न जड़े हुए थे। श्रीकृष्ण ने उस घड़े का समुद्र का जल एक उत्तम शंख में लेकर युधिष्ठिर का अभिषेक किया॥ 27॥ | mahabharat अध्याय 2.57: धृतराष्ट्रके पूछनेपर दुर्योधनका अपनी चिन्ता बताना और द्यूतके लिये धृतराष्ट्रसे अनुरोध करना एवं धृतराष्ट्रका विदुरको इन्द्रप्रस्थ जानेका आदेश । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ एक ताक पर एक हजार स्वर्णमुद्राओं से बना एक घड़ा रखा था, जिसमें अनेक प्रकार के रत्न जड़े हुए थे। श्रीकृष्ण ने उस घड़े का समुद्र का जल एक उत्तम शंख में लेकर युधिष्ठिर का अभिषेक किया॥ 27॥
There was a pot made of one thousand gold coins placed on a shelf, in which many kinds of gems were embedded. Krishna took the sea water from that vessel in a fine conch and anointed Yudhishthira.॥ 27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥