Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.56.20: मैं जुआ खेलने में बहुत कुशल हूँ। इस कला में मेरी बराबरी करने वाला पृथ्वी पर कोई नहीं है। यहाँ ही नहीं, बल्कि तीनों लोकों में मेरे समान जुआ खेलने में कोई भी पारंगत नहीं है। इसलिए हे कुरुपुत्र! तुम युधिष्ठिर को जुआ खेलने के लिए बुलाओ। | mahabharat अध्याय 2.56: पाण्डवोंपर विजय प्राप्त करनेके लिये शकुनि और दुर्योधनकी बातचीत । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैं जुआ खेलने में बहुत कुशल हूँ। इस कला में मेरी बराबरी करने वाला पृथ्वी पर कोई नहीं है। यहाँ ही नहीं, बल्कि तीनों लोकों में मेरे समान जुआ खेलने में कोई भी पारंगत नहीं है। इसलिए हे कुरुपुत्र! तुम युधिष्ठिर को जुआ खेलने के लिए बुलाओ।
I am very skilled in gambling. There is no one on earth who can match me in this art. Not only here, but in all the three worlds, there is no one as knowledgeable in gambling as I am. Therefore, O son of Kuru! You call Yudhishthira for gambling.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥