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दुर्योधन उवाच
अप्रमादेन सुहृदामन्येषां च महात्मनाम्।
यदि शक्या विजेतुं ते तन्ममाचक्ष्व मातुल॥ १८॥
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा, "चाचा! यदि मेरे सम्बन्धियों तथा अन्य महात्माओं के निरन्तर सतर्कता से पाण्डवों को किसी प्रकार पराजित किया जा सके, तो कृपया मुझे बताइये।"
Duryodhan said, "Uncle! If the Pandavas can be defeated by any means through the constant vigilance of my relatives and other great souls, then please tell me about it." 18.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥