Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.55.6: तत्पश्चात्, वह स्फटिक के समान स्वच्छ जल से भरे हुए तथा स्फटिक जड़ित कमलों से सुशोभित एक कुएँ को अपना स्थान मानकर अपने वस्त्रों सहित उसमें गिर पड़ा। | mahabharat अध्याय 2.55: दुर्योधनका मयनिर्मित सभाभवनको देखना और पग-पगपर भ्रमके कारण उपहासका पात्र बनना तथा युधिष्ठिरके वैभवको देखकर उसका चिन्तित होना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात्, वह स्फटिक के समान स्वच्छ जल से भरे हुए तथा स्फटिक जड़ित कमलों से सुशोभित एक कुएँ को अपना स्थान मानकर अपने वस्त्रों सहित उसमें गिर पड़ा।
Thereafter, taking as a place a well filled with water as clear as crystal and decorated with lotuses studded with crystals, he fell into the water along with his clothes.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥