Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.55.13: आगे जाकर उसे एक और बहुत बड़ा द्वार मिला; किन्तु इस भय से कि कहीं पिछले द्वारों की भाँति यहाँ भी कोई अप्रिय घटना न घट जाए, वह द्वार के इस ओर से लौट गया। | mahabharat अध्याय 2.55: दुर्योधनका मयनिर्मित सभाभवनको देखना और पग-पगपर भ्रमके कारण उपहासका पात्र बनना तथा युधिष्ठिरके वैभवको देखकर उसका चिन्तित होना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आगे जाकर उसे एक और बहुत बड़ा द्वार मिला; किन्तु इस भय से कि कहीं पिछले द्वारों की भाँति यहाँ भी कोई अप्रिय घटना न घट जाए, वह द्वार के इस ओर से लौट गया।
Going further, he found another very large gate; but fearing that some untoward incident might occur here as in the previous gates, he returned from this side of the gate. 13.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥