Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.54.28: इस प्रकार समभावपूर्वक आचरण करके मैं अपने और पराये पुत्रों में कोई भेदभाव नहीं करूँगा; क्योंकि संसार में समस्त लड़ाई-झगड़ों का मूल कारण भेदभाव ही है॥ 28॥ | mahabharat अध्याय 2.54: व्यासजीकी भविष्यवाणीसे युधिष्ठिरकी चिन्ता और समत्वपूर्ण बर्ताव करनेकी प्रतिज्ञा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं मे वर्तमानस्य स्वसुतेष्वितरेषु च।
भेदो न भविता लोके भेदमूलो हि विग्रह:॥ २८॥
अनुवाद
इस प्रकार समभावपूर्वक आचरण करके मैं अपने और पराये पुत्रों में कोई भेदभाव नहीं करूँगा; क्योंकि संसार में समस्त लड़ाई-झगड़ों का मूल कारण भेदभाव ही है॥ 28॥
'By behaving in this way with equality, I will not discriminate between my own children and others; because the root cause of all fights and quarrels in the world is discrimination.॥ 28॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥