Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.53.d33-d34: तब राजा युधिष्ठिर ने व्यास, धौम्य, महामती नारद, सुमन्तु, जैमिनी, पैल, वैशम्पायन, याज्ञवल्क्य, कठ और महातेजस्वी कलाप - इन सभी महान ब्राह्मणों का पूरी भक्ति से सम्मान और पूजा की। | mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
व्यासं धौम्यं च प्रयतो नारदं च महामतिम्॥
सुमन्तुं जैमिनिं पैलं वैशम्पायनमेव च।
याज्ञवल्क्यं कठं चैव कलापं च महौजसम्।
सर्वांश्च विप्रप्रवरान् पूजयामास सत्कृतान्॥
अनुवाद
तब राजा युधिष्ठिर ने व्यास, धौम्य, महामती नारद, सुमन्तु, जैमिनी, पैल, वैशम्पायन, याज्ञवल्क्य, कठ और महातेजस्वी कलाप - इन सभी महान ब्राह्मणों का पूरी भक्ति से सम्मान और पूजा की।
Then King Yudhishthir honored and worshiped Vyas, Dhaumya, Mahamati Narada, Sumantu, Jaimini, Pail, Vaishampayan, Yajnavalkya, Kath and Mahatejasvi Kalap - all these great Brahmins with full devotion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥