Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 2.53.d24: वहाँ हजारों भेरी, मृदंग, मद्दुक, गोमुख, श्रृंग, बांसुरी और शंखों की ध्वनियाँ सुनी जा सकती थीं।   |   mahabharat अध्याय 2.53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 53: श्रीकृष्णके द्वारा शिशुपालका वध, राजसूययज्ञकी समाप्ति तथा सभी ब्राह्मणों, राजाओं और श्रीकृष्णका स्वदेशगमन  »  श्लोक d24
 
 
श्लोक  2.53.d24 
भेर्यश्च मुरजाश्चैव मड्डुका गोमुखाश्च ये।
शृङ्गवंशाम्बुजाश्चैव श्रूयन्ते स्म सहस्रश:॥
 
 
अनुवाद
वहाँ हजारों भेरी, मृदंग, मद्दुक, गोमुख, श्रृंग, बांसुरी और शंखों की ध्वनियाँ सुनी जा सकती थीं।
 
The sounds of thousands of Bheri, Mridanga, Madduk, Gomukh, Shringa, Flutes and Shankhs could be heard there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)