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श्लोक  2.53.d1 
(ददृशुस्तं नृपतयो यज्ञस्य विधिमुत्तमम्।
उपेन्द्रबुद्धॺा विहितं सहदेवेन भारत॥
 
 
अनुवाद
भरतनन्दन! राजाओं ने सहदेव द्वारा विष्णुबुद्धि द्वारा भगवान श्रीकृष्ण को प्रसन्न करने के लिए किये गये यज्ञ की उत्तम विधि देखी।
 
Bharatnandan! The kings saw the best method of the yajna performed by Sahadev to please Lord Krishna through Vishnu Buddhi.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)