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mahabharat 2.52.39: हे राजन! यदि मैं प्रत्येक प्रश्न का अलग-अलग उत्तर दूँ, तो भी बात यहीं समाप्त नहीं होगी। अतः जो कुछ मैं कह रहा हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो। 39.   |   mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना   ।   mahabharat पर्व 2: सभा पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  2.52.39 
उक्तस्योक्तस्य नेहान्तमहं समुपलक्षये।
यत् तु वक्ष्यामि तत् सर्वं शृणुध्वं वसुधाधिपा:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! यदि मैं प्रत्येक प्रश्न का अलग-अलग उत्तर दूँ, तो भी बात यहीं समाप्त नहीं होगी। अतः जो कुछ मैं कह रहा हूँ, उसे ध्यानपूर्वक सुनो। 39.
 
‘O kings! If I answer each question separately, it does not seem to end here. Therefore, listen carefully to whatever I am saying. 39.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)