Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.52.13: भीष्म! यदि इन दोनों पिता-पुत्रों में से एक भी अत्यन्त क्रोधित हो जाए, तो मुझे विश्वास है कि वह समस्त पृथ्वी को, समस्त जीव-जन्तुओं सहित, नष्ट कर सकता है॥13॥ | mahabharat अध्याय 2.52: भीष्मकी बातोंसे चिढ़े हुए शिशुपालका उन्हें फटकारना तथा भीष्मका श्रीकृष्णसे युद्ध करनेके लिये समस्त राजाओंको चुनौती देना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ययोरन्यतरो भीष्म संक्रुद्ध: सचराचराम्।
इमां वसुमतीं कुर्यान्नि:शेषामिति मे मति:॥ १३॥
अनुवाद
भीष्म! यदि इन दोनों पिता-पुत्रों में से एक भी अत्यन्त क्रोधित हो जाए, तो मुझे विश्वास है कि वह समस्त पृथ्वी को, समस्त जीव-जन्तुओं सहित, नष्ट कर सकता है॥13॥
Bhishma! If even one of these two father and son becomes extremely angry, I am sure he can destroy the entire earth along with all living and non-living creatures.॥ 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥