Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.50.8: अथवा हे भारत! इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि तुम्हारे जैसे लोग, जो स्त्री के सद्गुण से युक्त हैं और वृद्ध तथा नपुंसक हैं, उनके सब कार्यों में उनका मार्गदर्शन करते हैं।॥8॥ | mahabharat अध्याय 2.50: शिशुपालकी बातोंपर भीमसेनका क्रोध और भीष्मजीका उन्हें शान्त करना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथ वा नैतदाश्चर्यं येषां त्वमसि भारत।
स्त्रीसधर्मा च वृद्धश्च सर्वार्थानां प्रदर्शक:॥ ८॥
अनुवाद
अथवा हे भारत! इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि तुम्हारे जैसे लोग, जो स्त्री के सद्गुण से युक्त हैं और वृद्ध तथा नपुंसक हैं, उनके सब कार्यों में उनका मार्गदर्शन करते हैं।॥8॥
Or, O Bharata! It is not surprising that people like you, who have the virtue of a woman and are old and impotent, guide them in all their activities. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥