Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.50.6: हे मूर्ख भीष्म! यदि यह कृष्ण सम्पूर्ण जगत् का रचयिता है, जैसा कि तुम उसे मानते हो, तो फिर यह अपने को उचित रूप से ब्राह्मण क्यों नहीं मानता?॥6॥ | mahabharat अध्याय 2.50: शिशुपालकी बातोंपर भीमसेनका क्रोध और भीष्मजीका उन्हें शान्त करना । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे मूर्ख भीष्म! यदि यह कृष्ण सम्पूर्ण जगत् का रचयिता है, जैसा कि तुम उसे मानते हो, तो फिर यह अपने को उचित रूप से ब्राह्मण क्यों नहीं मानता?॥6॥
Foolish Bhishma! If this Krishna is the creator of the whole universe, as you believe him to be, then why doesn't he consider himself a Brahmin properly? ॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥