vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 2: सभा पर्व
»
अध्याय 49: शिशुपालद्वारा भीष्मकी निन्दा
»
श्लोक 36
श्लोक
2.49.36
तत: स कथयामास दृष्ट्वा हंसस्य किल्बिषम्।
तेषां परमदु:खार्त: स पक्षी सर्वपक्षिणाम्॥ ३६॥
अनुवाद
हंस के पापपूर्ण कृत्य को देखकर पक्षी अत्यंत दुःखी हो गया और उसने सारी घटना अन्य पक्षियों को बता दी।
Seeing the swan's sinful act, the bird became extremely distressed with grief and narrated the entire incident to all the other birds.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×