श्री महाभारत  »  पर्व 2: सभा पर्व  »  अध्याय 49: शिशुपालद्वारा भीष्मकी निन्दा  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  2.49.36 
तत: स कथयामास दृष्ट्वा हंसस्य किल्बिषम्।
तेषां परमदु:खार्त: स पक्षी सर्वपक्षिणाम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
हंस के पापपूर्ण कृत्य को देखकर पक्षी अत्यंत दुःखी हो गया और उसने सारी घटना अन्य पक्षियों को बता दी।
 
Seeing the swan's sinful act, the bird became extremely distressed with grief and narrated the entire incident to all the other birds.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)