Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.49.16: भीष्म! यदि आपके कहने पर यह कृष्ण गौहत्यारा और स्त्रीहत्यारा होते हुए भी पूजित हो रहा है, तो आपके धर्म-ज्ञान की सीमा समाप्त हो गई है। आप ही बताइए, जो इन दोनों प्रकार की हत्याओं का दोषी है, वह प्रशंसा का अधिकारी कैसे हो सकता है?॥16॥ | mahabharat अध्याय 2.49: शिशुपालद्वारा भीष्मकी निन्दा । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गोघ्न: स्त्रीघ्नश्च सन् भीष्म त्वद्वाक्याद् यदि पूज्यते।
एवंभूतश्च यो भीष्म कथं संस्तवमर्हति॥ १६॥
अनुवाद
भीष्म! यदि आपके कहने पर यह कृष्ण गौहत्यारा और स्त्रीहत्यारा होते हुए भी पूजित हो रहा है, तो आपके धर्म-ज्ञान की सीमा समाप्त हो गई है। आप ही बताइए, जो इन दोनों प्रकार की हत्याओं का दोषी है, वह प्रशंसा का अधिकारी कैसे हो सकता है?॥16॥
Bhishma! If on your advice this Krishna is being worshipped despite being a cow killer and a woman killer, then your knowledge of religion has reached its limit. You tell me, how can a person who is guilty of both these types of murders be entitled to be praised?॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥