Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 2.46.d56: अनेक दैत्यों से घिरे हुए पुरश्रेष्ठ प्राग्ज्योतिष में पहुँचकर श्रीकृष्ण ने वहाँ पर्वत श्रृंखला के लाल शिखरों पर जाकर जगत के रक्षक वरुणदेवता को जीत लिया, जो भयंकर, अजेय तथा दूसरों के लिए अत्यंत तेजस्वी हैं। | mahabharat अध्याय 2.46: भगवान् श्रीकृष्णके द्वारा बाणासुरपर विजय और भीष्मके द्वारा श्रीकृष्ण-माहात्म्यका उपसंहार । mahabharat पर्व 2: सभा पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनेक दैत्यों से घिरे हुए पुरश्रेष्ठ प्राग्ज्योतिष में पहुँचकर श्रीकृष्ण ने वहाँ पर्वत श्रृंखला के लाल शिखरों पर जाकर जगत के रक्षक वरुणदेवता को जीत लिया, जो भयंकर, अजेय तथा दूसरों के लिए अत्यंत तेजस्वी हैं।
Reaching Purashreshtha Pragjyotish surrounded by many demons, Shri Krishna went to the red peaks of the mountain range there and conquered the guardian of the world, Varundevta, who is fierce, invincible and very bright for others.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥