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श्लोक  2.46.d32 
बाणोऽपि सर्वशस्त्राणि शितानि भरतर्षभ॥
सुसंक्रुद्धस्तदा युद्धे पातयामास केशवे।
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! बाणासुर भी क्रोध से आग बबूला हो उठा। उसने भी युद्ध में भगवान केशव पर अपने सभी तीखे अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग कर दिया।
 
Bharatshrestha! Banasur was also fuming with anger. He also used all the sharp weapons on Lord Keshav in the war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)